अमेरिका में मोदी के सामने हुआ ये , कांग्रेस ने सवाल उठाये

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Opposition talks tough to Modi.

नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो दिवसीय अमेरिका यात्रा को उनकी कूटनीतिक सफलता के रूप में तो लिया ही जा रहा है , साथ ही इस यात्रा के दौरान सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी की सूची में शामिल करने के अमेरिकी सरकार के फैसले को भी मोदी सरकार की एक  बड़ी उपलब्धि माना गया , पर इसी निर्णय को लेकर देश में विपक्ष और मीडिया एक बड़ा सवाल भी खड़ा कर रहा है|

असल में सोमवार को अमेरिका के गृह विभाग ने सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी की सूची में डालने के निर्णय के घोषणा की तो इस आधिकारिक बयान में “ भारत अधिकृत कश्मीर” शब्द का प्रयोग किया और उसी के बाद से विपक्ष ने इस बात पर सवाल खड़े किये कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिकी धरती पर उपस्थिति में अमेरिकी गृह विभाग ने भारतीय जनता पार्टी के समस्त जम्मू कश्मीर क्षेत्र को भारत का अभिन्न अंग मानने के सिद्धांत के विपरीत “ भारत अधिकृत कश्मीर” शब्द का प्रयोग किया पर भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गयी| कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदम्बरम और गुलाम नबी आजाद ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया |

इस विवाद के बाद भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने “ भारत अधिकृत कश्मीर” शब्द के प्रयोग को बहुत बड़ी बात मानने से इन्कार कर दिया है और उनके अनुसार यह भारत के इस दावे को और बल देता है कि सैयद सलाहुद्दीन सीमा पार से भारत में आतंक फैला रहा था | विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार “ भारत अधिकृत कश्मीर” शब्द का प्रयोग अमेरिका का गृह मंत्रालय अपनी वार्षिक रिपोर्ट में अनेक बार करता आया है|

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता भले ही सफाई दे रहे हों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अमेरिका में रहते कश्मीर को लेकर अमेरिकी अधिकारिक बयान में “ भारत अधिकृत कश्मीर” शब्द का प्रयोग विपक्ष के लिए एक मौक़ा तो है ही | एक ओर तो सरकार में बैठे लोग पाक अधिकृत कश्मीर में भी तिंरगा फहराने के दावे करते हैं पर आधिकारिक बयान में समस्त कश्मीर को भारत का हिस्सा बता पाने में सफल नहीं हो सके |