दिल्ली में नगर निगम उपचुनाव की हलचल तेज

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उपचुनावों पर होगी नजर

नई दिल्ली, दिल्ली में राज्य चुनाव आयोग द्वारा आगामी 15  मई को  दिल्ली नगर निगम के 13 वार्डों में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दिल्ली में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है |

विशेष रूप से आम आदमी पार्टी ने इस उपचुनाव की तैयारी काफी पहले से आरम्भ कर दी थी और अपने प्रत्याशियों के चयन से लेकर उनके घर घर जाकर सम्पर्क का अभियान भी लगभग अंतिम चरण में है जबकि दूसरी ओर भाजपा और कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा भी नहीं की है  |

विशेष रूप से भाजपा पेशोपेश में है क्योंकि अभी तक भाजपा दिल्ली में अपना प्रदेश अध्यक्ष भी तय नहीं कर पायी है और तीन नामों को लेकर माथापच्ची चल रही है | भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता और उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी , पूर्व में विधायक रहे और लम्बे समय तक संगठन में काम कर चुके पवन शर्मा सहित पश्चिमी दिल्ली से सांसद प्रवेश वर्मा फिलहाल इस दौड़ में सबसे आगे हैं |

भाजपा उपचुनाव नए अध्यक्ष के साथ नए उत्साह से मैदान में आना चाहती है क्योंकि 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनावों में हुई करारी हार के बाद दिल्ली में राजनीतिक ताकत आजमाने का पहला मौक़ा है |

वहीं कांग्रेस का दावा है कि अजय माकन की अगुवाई में कांग्रेस ने पिछले एक वर्ष में जनता से जुड़े मुद्दे उठाये हैं और जनता आम आदमी पार्टी की सरकार से खुश नहीं है और उसे अच्छा समर्थन मिलेगा वहीं आम आदमी पार्टी काफी उत्साहित है और उसका मानना है कि पिछले अनेक वर्षों से नगर निगम पर काबिज भाजपा के कार्यकलाप से जनता तंग आ चुकी है और नगर निगम से उपजी बदहाली और भ्रष्टाचार उनका मुद्दा होगा और उन्हें ही जनता का समर्थन मिलेगा |

जनता का समर्थन किसके साथ है यह तो  17 मई को वोटों की गिनती के बाद ही पता चलेगा पर इससे पहले आरोप प्रत्यारोप का दौर खूब देखने को मिलेगा |