नवाज शरीफ को लेकर असमंजस

0
448
अब मेरा क्या होगा ?

इस्लामाबाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को लेकर बन रही असमंजस की स्थिति ने पाकिस्तान में और पाकिस्तान के बाहर अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है|

पाकिस्तान मीडिया में पिछले कुछ दिनो से ऐसी खबरें चल रही थीं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपने इलाज के सिलसिले में लन्दन जाने वाले हैं और उनकी अनुपस्थिति में पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशहाक डार कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने रहेंगे जो कि नवाज शरीफ परिवार के रिश्तेदार और उनके विश्वासपात्र हैं ,  पर कल दिन गुजरते गुजरते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की स्थिति को लेकर अफवाहों का दौर चल निकला |

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ लन्दन के लिए पहले रोम के रास्ते जाने वाले थे लेकिन अंतिम समय में खबर आयी कि  उन्होंने रूस की राजधानी मोस्को  में करीब पांच घंटे रुककर आगे लन्दन की उड़ान भरी| मोस्को में नवाज शरीफ के रुकने को लेकर भी भ्रम बना रहा | इस मामले में दो बयान आये , एक में कहा गया कि उनके विमान को ईंधन  के लिए मोस्को में उतरना पडा और दूसरे बयान में कहा गया कि अचानक नवाज शरीफ की तबियत खराब हो गयी और उन्होंने कुछ घंटे मोस्को में आराम फरमाया |

इन सभी घटनाक्रमों  के बीच कुछ सवाल तैरते रहे| नवाज शरीफ का अचानक  रोम के बदले मोस्को जाना जबकि पाकिस्तान के मीडिया सहित हर जगह  यही अटकल लग रही है कि पनामा पेपर में नवाज शरीफ के परिवार का नाम आने के बाद उन पर भारी दबाव है  और यदि वे चीजों को ठीक से मैनेज नहीं कर पाए तो सरकार में उनके कितने दिन बचे हैं कहना मुश्किल है|

वहीं दूसरी ओर मोस्को में पांच घंटे नवाज शरीफ का रुकना चर्चा का विषय बना राह क्योंकि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नाम भी पनामा पेपर में विदेश में मोटा पैसा जमा करने वालों में आया है |

इसे संयोग कहें या कुछ और कि पाकिस्तान के तीनों राजनीतिक दल के प्रमुख पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के आसिफ अली जरदारी, खुद नवाज शरीफ और पाकिस्तान तहरीक इन्साफ पार्टी के इमरान खान तीनों ही इस समय अलग अलग कारणों से लन्दन में ही हैं|

पाकिस्तान मीडिया में यह समाचार कई दिनों से चल रहा है कि नवाज शरीफ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के आसिफ अली जरदारी के साथ कोई समझौता करना चाहते हैं ताकि एक मजबूत राजनीतिक ताकत के साथ पाकिस्तान की सेना के सामने खड़े हो सकें| क्योंकि आनन फानन में नवाज शरीफ ने पनामा पेपर के मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं पर इसके संभावित खतरों से आशंकित हैं और नवाज शरीफ की बेटी और उनकी राजनीतिक उत्तराधिकारी मानी जानी वाली मरियम शरीफ ने अपनी पार्टी के लोगों से नाखुशी जताई है कि वे शरीफ परिवार को पनामा मामले में आक्रामक ढंग से नहीं बचा पा रहे हैं|

इसी बीच खबरें आ रही हैं कि पाकिस्तान सेना इस बार सीधे तख्ता पलट के बजाय इमरान खान को किसी बड़े आन्दोलन के लिए खडा कर नवाज शरीफ की राजनीतिक स्थिति को और कमजोर करना चाहती है ताकि सीधे चुनी हुई सरकार को हटाने का दाग भी उस पर न आये और सरकार  का पूरा नियंत्रण भी उसके हाथ में आ जाए|

अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में नवाज शरीफ खुद को पाकिस्तान की सेना की कठपुतली बनने से कितने दिन बचा पाते हैं|