नितीश कुमार ने दिया “ संघ मुक्त भारत” का नारा

0
398
बिहार से दिल्ली पर नजर

पटना,  बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने भाजपा के आक्रामक “ कांग्रेस मुक्त भारत” के मुकाबले “ संघ मुक्त भारत” का नया नारा दिया है| हाल में जे डी यू के अध्यक्ष बनने के तत्काल बाद नितीश कुमार ने सभी गैर भाजपा राजनीतिक दलों को देश में लोकतंत्र और सेक्युलरिज्म के हित में एक साथ आने का आह्वान किया था और अब शनिवार को उन्होंने पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा  के कांग्रेस मुक्त भारत के मुकाबले “ संघ मुक्त भारत” का नारा देकर 2019 के लिए  भाजपा के  विकल्प के रूप में अपनी दावेदारी ठोंक दी है| नितीश कुमार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे संघ की विचारधारा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस, वामपंथी और क्षेत्रीय दलों को साथ लाने के प्रयास में लगे हैं ताकि अगले  लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा का विकल्प तैयार किया जा सके|

नितीश कुमार ने बहुत सधे अंदाज में आज की भाजपा को अटल बिहारी वाजपेयी , आडवानी और मुरली मनोहर जोशी से अलग करते हुए कहा कि इन नेताओं को किनारे लगा दिया गया है और अब भाजपा ऐसे लोगों के हाथ में है जिनका लोकतंत्र  और सेक्युलरिज्म में कोई विश्वास नहीं है|

नितीश कुमार का संघ मुक्त भारत का दाँव काफी रोचक है क्योंकि 1960 के दशक से 2014 में अपने दम पर सरकार बनाने तक संघ ने समाजवादी ताकतों के साथ कामकाजी रिश्ते बना रखे थे और गैर कांग्रेसवाद के नाम पर समाजवादी ताकतों को भी संघ की आवश्यकता पड़ती रहती थी , पर 2014 में  भाजपा के पूर्ण बहुमत के बाद देश की राजनीति पूरी तरह बदल गयी है और भाजपा  ने  अकेले दम पर अपनी ताकत खडी करने का प्रयास आरम्भ किया है और संघ ने भी गैर दलीय उदारता को छोड़कर अपनी विचारधारा को राज्य संचालन में बदलने का अवसर मानकर  अन्य दलों के साथ समन्वय की अपनी परिपाटी को छोड़ दिया है  और इसके चलते विभिन्न क्षेत्रीय दलों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गयी है और नितीश कुमार इसी असुरक्षा की भावना को आगे बढाना चाहते हैं |

नितीश कुमार ने लम्बे समय तक भाजपा और संघ के साथ काम किया है  इसलिए उसकी ताकत और कमजोरी दोनों से वाकिफ हैं और इसी कारण उन्होंने संघ के विरुद्ध मोर्चा खोलकर खांटी संघी विचारधारा से मुक्त  भाजपा समर्थक लोगों को भी अपने पाले में लाने के विकल्प खुले रखे हैं|