समझौता एक्सप्रेस धमाके की जांच में फिर नया मोड़

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समझौता धमाके की जांच में नया मोड़

नई दिल्ली, समझौता एक्सप्रेस धमाके की जांच में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है , पिछले दिनों मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि इस मामले की जांच कर रही जाँच एजेंसी एन आई ए के महानिदेशक शरद कुमार अमेरिका की यात्रा पर हैं और इस यात्रा का मकसद इस पूरी जांच में उस पहलू की पड़ताल करना था जिसके अंतर्गत पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर ए तोयबा पर इस हमले की आशंका जताई गयी थी |

देश के एक अग्रणी सामाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने एन आई ए के महानिदेशक को सूचित किया है कि इस बात के काफी मजबूत संकेत मिल रहे है कि  कराची के जिस व्यवसायी आरिफ कस्मानी को वर्ष 2009 के मध्य में संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट में लश्कर के लिए काम करने वाला और  समझौता एक्सप्रेस के धमाके में उसकी लिप्तता की बात कही गयी थी वह आरिफ कस्मानी दो तीन महीने पहले अफगानिस्तान में ड्रोन हमले में मारा गया है |

समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार यदि आरिफ कस्मानी की यह कड़ी एन आई ए नहीं जोड़ पायी तो समझौता एक्सप्रेस के धमाके में आरोपी बनाये गए दक्षिण पंथी संगठनों के लिए अपने बचाव की सारी सम्भावना समाप्त हो जायेगी और पूरी जाँच जो अब निर्णायक मोड़ पर है उसमें दक्षिणपंथी कट्टरपंथी सदस्यों की भूमिका के आधार पर ही जांच आगे बढ़ेगी |

ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2009 के मध्य में अमेरिका के राजकोष विभाग  ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसके अनुसार अल कायदा और उसके सहयोगियों के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र संघ समिति  के प्रस्ताव में कराची स्थित व्यवसायी आरिफ कस्मानी को लश्कर की  अल कायदा के  साथ डीलिंग में    प्रमुख समन्वयक बताया गया था और इसके बदले में अल कायदा ने 2009 के समझौता धमाके के लिए लोगों को उपलब्ध कराया था और 2006 में मुम्बई में हुए लोकल ट्रेन के धमाके में भी इसी का हाथ था |

दूसरी ओर एन आई ए के महानिदेशक ने अपनी यात्रा के सम्बन्ध में कहा था कि वे धमाके में आरोपी बनाये गए लोगों की अपनी  सफाई में अमेरिका के राजकोष विभाग की रिपोर्ट और संयुक्त राष्ट्र संघ  की रिपोर्ट को उठाने की  संभावनाओं को देखते हुए इसके हर पहलू की जाँच कर लेना चाहते हैं और इस सम्बन्ध में अमेरिका की एजेंसियों के पास जो भी सूचना है उसे साझा कर लेना चाहते हैं ताकि पूरी जांच को सही दिशा में ले जा सके |

अब देखने वाली बात होगी कि अमेरिका से अपनी यात्रा समाप्त करने के बाद एन आई ए महानिदेशक शरद कुमार किस निष्कर्ष पर पहुंचते हैं