14 अप्रैल को न्यूयार्क में मना बिन्देश्वर पाठक दिवस

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अपनी दूरदर्शिता से देश में नया आयाम बनाया

न्यूयार्क, 14 अप्रैल को जब भारत सहित संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के संविधान प्रारूप समित के अध्यक्ष और दलित वर्ग के उत्थान और सामाजिक समरसता  के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले डा भीमराव आंबेडकर की जयंती मनाकर देश और संयुक्त  राष्ट्र संघ उनके प्रति अपना आभार प्रकट कर रहा था उसी दिन अमेरिका में न्यूयार्क शहर के मेयर बिल डी बलैसियो  ने अप्रत्याशित रूप से 14 अप्रैल को न्यूयार्क में बिन्देश्वर पाठक दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की |

सुलभ शौचालय के संस्थापक श्री पाठक को अमानवीय परिस्थितियों में काम करने वाले लाखों लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए न्यूयार्क के  मेयर ने सम्मानित भी किया |

न्यूयार्क में आयोजित सम्मान  समारोह में पाठक स्वयं उपस्थित रहे | उन्हें न्यूयार्क global leaders dialogue  humanitarian award से सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर न्यूयार्क के मेयर बलैसियो ने श्री पाठक के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी दूरदर्शिता का प्रयोग  समाज में उपेक्षित पड़े लोगों की सहायता करने में की और श्री पाठक ने अपने काम  और संगठन के जरिये वह  तकनीक विकसित की जिसने कि लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डाला | श्री पाठक ने बिना भेद भाव के समाज के सभी वर्गों के लोगों के  जीवन स्तर में आमूल चूल परिवर्तन किया | इस अवसर पर मानवाधिकार के क्षेत्र में भी उनके कार्य की सराहना की गयी|

सुलभ शौचालय में कुल 50, 000 लोग कार्यरत हैं | बिन्देश्वर पाठक की संस्था देश में अभी  तक लाखों की संख्या में शौचालय बना चुकी है|

न्यूयार्क में श्री बिन्देश्वर पाठक को मिले सम्मान से एक बात पूरी तरह स्पष्ट है कि मानवमात्र के प्रति बिना भेद भाव के सेवा का भाव रखना ही मानवता की सच्ची सेवा है और उपेक्षित , वंचित और दबे कुचले लोगों के प्रति कार्य करना कर्तव्य  है और ऐसे किसी भी कार्य को न तो जाति और न ही राजनीति के तराजू पर तौला जाना चाहिए |

विश्व इतिहास में किसी भी स्थिति में या परिवेश में पैदा हुआ संवेदनशील व्यक्ति अपने  आस पास के लोगों और वातावरण को बेहतर करने के लिए हरसंभव प्रयास करता है |