डा स्वामी की राय, चीन को अमेरिका से ऊपर रखा जाये

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Dr swamy feels Future belongs to China not USA.

नई दिल्ली, भारत और चीन के बीच बीते दिनों से  चल रही बयानबाजी की गर्मी के  बीच भारतीय जनता पार्टी के चर्चित नेता डा सुब्रमणियन स्वामी ने भारत और चीन के मध्य दीर्घकालिक संबंधों की इच्छा जताई है जो कि दोनों ही देशों के हित में हो|

डा स्वामी ने दावा किया कि चीन से सम्बंधित मुद्दों पर उनकी देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से चर्चा हुई है हालांकि उन्होंने इसके बारे में कुछ भी विस्तार से नहीं बताया |

समाचार चैनल न्यूज 18के साथ बातचीत में डा स्वामी ने माना कि दोनों देशों में बीच तनाव बढ़ चुका है परन्तु चीन ने भारत के सम्बन्ध में जो रवैया अपनाया है उसकी भूमिका कुछ समय से बन रही थी |

“ डा स्वामी के अनुसार इसकी शुरुआत तब हुई जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जापान की यात्रा की | चीन को कुछ समय से आशंकाएं हैं | अब वह समय आ गया है कि भारत को दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए चीन के साथ  लम्बे समय के लिए संबंधों की भूमिका रखनी चाहिए” |

डा स्वामी के अनुसार भारत और चीन के मध्य सिक्किम में सीमा क्षेत्र में चल रहे टकराव का सीधा सम्बन्ध भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हाल की वाशिंगटन की यात्रा और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाक़ात से नहीं है पर यह अवश्य है कि चीन भारत और अमेरिका की बढ़ती नजदीकी पर नजर रखे है|
डा स्वामी का मानना है कि अन्तराष्ट्रीय संबंधों के मामले में अब अमेरिका की पहले वाली धमक  नहीं  है और वह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में  पुरानी बात होता जा रहा है | हम अमेरिका के जूनियर सहयोगी नहीं हैं हम बराबर के साथी हैं| भारत और चीन जब तक साथ नहीं आते विश्व में शान्ति संभव नहीं है|

डा स्वामी ने इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के शासन काल में कांग्रेस का हिस्सा न होते हुए भी  चीन के साथ भारत के संबंधों को सामान्य करने में चीन के साथ अपने संपर्कों का उपयोग किया था पर इस बार उनका कहना है कि जब तक सरकार की ओर से उनसे नहीं कहा जाएगा वे ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि इस बार वे सत्ताधारी दल के सदस्य हैं  |

 

चीन और पाकिस्तान के साथ एक साथ भारत के तनाव पर डा स्वामी का कहना है कि वैसे तो हम दोनों देशों से निपटने में सक्षम हैं पर ऐसा करना होशियारी नहीं होगी और केवल पाकिस्तान पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए |