तोगडिया का आरोप, केंद्र सरकार करा रही है विहिप की जासूसी

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विहिप का सरकार पर गंभीर आरोप

नई दिल्ली, विश्व हिन्दू परिषद के शीर्ष नेता प्रवीण तोगडिया ने केंद्र सरकार पर एक सनसनीखेज आरोप लगाया है| टाइम्स आफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार देश के सबसे बड़े हिन्दू  संगठन के अंतर्राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रवीण तोगडिया ने देश की खुफिया एजेंसी आई बी पर आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के इशारे पर “ राष्ट्रवादी संगठन” की जासूसी की जा रही है|

इस सम्बन्ध में श्री तोगडिया ने नाराजगी से भरा एक पत्र आई बी के निदेशक को भेजा है और उसकी प्रतियां गृह मंत्रालय और प्रधानमंत्री को भी भेजी हैं| गुरुवार को देश की खुफिया एजेंसी के निदेशक को भेजे पत्र में उन्होंने इस स्थिति की तुलना आपात काल से की है|

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ अपने दो पेज के पत्र में तोगडिया ने आरोप लगाया है कि कुछ अधिकारी जो अपनी पहचान आई बी के अधिकारी की बताते हैं वे विश्व हिन्दू परिषद के दो आयामों हिन्दू हेल्प लाइन और इंडियन हेल्थ लाइन के कार्यकर्ताओं से पूछ ताछ के तर्ज पर सवाल जवाब करते हैं | तोगड़िया ने अपने पत्र में लिखा है कि “ ये दोनों सामाजिक कार्यक्रम स्वास्थ्य की जरूरत वाले लोगों और यात्रियों की मदद करती है| आई बी ने इस बारे में किसी भी जानकारी के लिए मेरे फोन  नम्बर पर संपर्क नहीं किया जो कि उनके पास है लेकिन इसके स्थान पर पूरे देश में अपने अधिकारियों को इस आयाम से  जुड़े कार्यकर्ताओं की जासूसी के निर्देश दे रखे हैं यदि आई बी की नीयत साफ़  थी तो इस बावत मुझसे संपर्क करना चाहिए था | यह अत्यंत भयानक है और आपात काल की याद दिलाता है| हम आई बी से मांग करते हैं और उस मंत्रालय से भी जिसके अंतर्गत यह विभाग आता है कि वे तत्काल माफी मांगे” |

तोगडिया ने हिन्दू हेल्प लाइन और इंडियन हेल्थ लाइन के लिए दिए गए प्रश्नोत्तर को राष्ट्र विरोधी बताते हुए इसे 24 घंटे के अन्दर वापस लेने की मांग की है|

तोगडिया ने राष्ट्र की रक्षा में आई बी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि यह संगठन देश में किसानों की आत्महत्या रोकने , सीमा पार के घुसपैठ रोकने में अपनी शक्ति लगाए न कि विश्व हिन्दू परिषद जैसे राष्ट्रवादी संगठनों और हमारे जैसे लोगों की जासूसी में |

टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विहिप नेता ने  देश के एक बड़े मीडिया हाउस पर भी आरोप लगाया है कि सरकार ने विज्ञापन के बदले उससे विश्व हिन्दू परिषद  के दो आयामों की  निगरानी और जासूसी कराई |

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शीर्ष विहिप नेता के संबंधों में तनाव की खबरों के बाद भी बीते तीन सालों में तोगडिया ने केंद्र सरकार पर कोई गंभीर आरोप नहीं लगाया था जो की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उनके रुख से ठीक उलट है पर अब जासूसी के गंभीर आरोप के बाद यह चर्चा होने लगी है की क्या गुजरात में आने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर दोनों नेताओं में अविश्वास और असुरक्षा का परस्पर  भाव अधिक बढ़ गया है