ये क्या बोल गए आजम खान ?

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नेताओं की फिसलती जुबान या जुबान से बनता एजेंडा |

रामपुर, विभिन्न मीडिया रिपोर्ट के अनुसार समाजवादी पार्टी के चर्चित और विवादित नेता आज़म खान ने एक बार फिर फिर ऐसा बयान दिया है जिसने उन्हें चर्चा में ला दिया है| आज़म खान ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए देश के हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए आशंका व्यक्त की कि ऐसा लगता है कि छः दशक बाद देश को चलाने के तरीके में बदलाव आ रहा है और बैलेट के रास्ते को छोड़कर बुलेट का रास्ता अपनाया जा रहा है| आज़म खान ने देश के अनेक क्षेत्रों में हो रही हिंसक घटनाओं को इससे जोड़ते हुए कश्मीर, बंगाल, असम , झारखंड का नाम लेते हुए इशारों इशारों में देश के अनेक हिस्सों में सेना पर महिलाओं द्वारा आक्रमण किये जाने की बात की और यह तक कह डाला कि महिला दहशतगर्दों ने सैनिकों के निजी अंग काट लिये क्योंकि उन्हें उनके उसी अंग से शिकायत थी |

आज़म खान के इस बयान के बाद सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है| भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस बयान को सेना का अपमान बताया है और आतंकवादियों का समर्थन करने वाला करार दिया है|

आम तौर पर आज़म खान अपने बयान के लिए चर्चा में रहते हैं परन्तु उनके बयानों के पीछे अनेक निहितार्थ भी होते हैं| आज़म खान ने इस बयान के माध्यम से वामपंथी विचार के लोगों के ध्रुवीकरण का प्रयास किया है और देश में  विचारधारा की लड़ाई को धार   देने की कोशिश भी की है साथ ही हाल में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका यात्रा में आतंकवाद को इस्लामी आतंकवाद के नाम से पुकारे जाने के डोनाल्ड ट्रम्प के तरीके पर सहमित जताने के बाद देश में उस वर्ग को सन्देश देने का प्रयास भी किया है जो आतंकवाद की उस पूरी लड़ाई के लिए इस्लाम को नहीं बल्कि अमेरिका को उत्तरदायी मानता है|

आज़म खान ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सत्ता जाने के बाद आम तौर पर युद्ध विराम घोषित कर रखा था पर अब ऐसा लगता है कि हार के सदमे से बाहर आकर आज़म खान फिर दो दो हाथ करने को तैयार हो रहे हैं और चर्चा में रहना चाहते हैं,  ताकि 2019 में किसी बड़े गठबंधन में उन्हें एक बड़े चेहरे के रूप में जगह मिल सके | हालांकि यह बयान आज़म खान के लिए मुश्किलें भी खडा कर सकता है क्योंकि 2014 के आम चुनाव में कारगिल युद्ध पर दिए गए उनके बयान के बाद चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी थी | इसी प्रकार पिछले साल फ्रांस की राजधानी पेरिस पर हुए आतंकवादी हमले को उन्होंने क्रिया की प्रतिक्रिया बताया था जिससे बाद में वे मुकर भी गए थे |